डा.CK Raut को बारबार जेलमे भेजना firanagi शाषकका राजनैतिक षड्यन्त्र है।

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नेपाल मे लाेकतान्त्रीक गडतन्त्र स्थापना हुवे दशक वित चुका है पर अाम जनमानस मे इस्का अहसास तक नही हुवा है। लाेग छाेटी छाेटी समस्या मे उलझ जाते है वह उल्झन अान्दाेलन मे तबदिल हाेकर हिषांत्मक हाेकर लाेग जान दे देते है।नेपाल मे एक बडे पैमाने पर मधेशी अादी वासी लाेग बसाेवास करते है,उन मधेशयाें कि

अार्थिक,सामाजिक,राजनीतिक तवर यह लाेग दरिद्र है,भारी मात्रा मे मधेशी यूवा समाज विदेशाे मे जाकर मजदुरी करने पर मजबुर है।नागरिकता,राेजगारी,विकाश,पहिचान,सम्मान काे लेकर सैकडाे बलिदानी देने पर भी समस्या समाधान के बदले समस्या बडरही है।यही कसम कस मे एक मध्यम परिवार मे जन्मे हुवे ब्यक्ति जाे शिक्षा क्षेत्र मे डाक्टरेट कि महारत हांसिल वेलायत के क्यामरिज विश्व विद्यालय से हासिल कर अमरिका मे वैज्ञानिक रहचुके है,

  • वह महान हस्थी सर्व साधारण लाेगाे कि समस्या देख कर उन से नही रहागया अाैर वह अपनि नाेकरी,क्यारियर,सुख सैल छाेडकर वापस मधेश अाकर,मधेशयाें कि वास्तविक समस्या कि पहचान हेतु मेची महाकाली गावं,गांव कि यात्रा कि अाैर वैज्ञानिक अाधार पर प्रमाणित किया कि मधेश मे गुलामी कि समस्या है,उस का निवारण अाजादी से हाे सक्ता है।उसी समय एक व्यलाक बुद्ध नामक डकुमेन्ट्री भी बनाई जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ कि बैठकाे मे दिखाया गया,वेलायत कि महरानी काे भि दिया गया,उसे अवार्ड भी मिला।

डा. राउत ने बुद्ध ,मण्डेला अाैर गान्धी काे अपना अादर्श बनाकर शान्तिपूर्ण मार्ग,लाेकतान्त्रीक ब्यवस्था काे मानकर लाेगाे मे जागिरती फैलाना सुरु किया,उसि दाैरान मधेश का इतिहास,वीर मधेशी जैसी कितावै भी लिखा,उनका विचार लाेगाे मे अाग कि तरह फैलना सुरु हुवा,देश विदेश मे लाेग मधेश कि अाजादी के लिए एकतृत हाेना सुरु हाेगए अाैर डा. राउत मधेशयाें के लिए अन्तिम चराग के रुप मे सावित हाेनेलगे,सभि अाशा डा. राउत बन चुके।नेपाल के ईतिहास मे पहिली वार मधेश अाजादी के लिए तकरिवन ५०० लाेगाे पर देश द्राेह का अभियाेग नेपाल पुलिस लगाई,डा. राउत काे १८ वार हिरासत मे लिया है,काेई सबुत प्रमाण न मिलने पर अधिकासं मुद्दे मे नेपाल के सभि स्तर के न्यायलय से सफाई पा चुके हैं पर यिसवार डा. राउत राजनीतिक शिकार हुवे हैं,उन के खिलाफ सबुत प्रमाण न मिलने पर राजनीतिक दवाब से उनहे पुर्पक्ष के नाम पर जेल भेज दिया गया है।

डा. राउत जैसे गान्धी वादी,लाेकतन्त्र अाैर अहिषांत्मक मार्ग पर चलने वालाे काे जेल भेजा जाता है पर हथियार धारी गिराेहाे काे समरक्षण अाैर वारता के लिए अहवान किया जाता है,खुले अाम संविधान कि धज्यां उडाने वालाे काे संरक्षण दिया जाता है। क्या यही है लाेकतन्त्र?

लाेकतन्त्र कि दुहाई देने वाले मधेशी बुद्धि जिवी शान्त है,यह उनकी कलम रुक चुकी है, न्याय कि हत्या हाेरही है,लाेकतन्त्र का चिरहरण हाेते कैसे बुद्धिजिवी शान्ति है?